Breaking

Wednesday, September 18, 2019

September 18, 2019

बेवकूफ औरत बेमतलब ही रो देती है ||

एक गृहणी वो रोज़ाना की तरह आज फिर ईश्वर का नाम लेकर उठी थी ।किचन में आई और चूल्हे पर चाय का पानी चढ़ाया। फिर बच्चों को नींद से जगाया ताकि वे स्कूल के लिए तैयार हो सकें । कुछ ही पलों मे वो अपने सास ससुर को चाय देकर आयी फिर बच्चों का नाश्ता तैयार किया और इस बीच उसने बच्चों को ड्रेस भी पहनाई। फिर बच्चों को नाश्ता कराया।

Stupid woman cries meaninglessly


पति के लिए दोपहर का टिफीन बनाना भी जरूरी था। इस बीच स्कूल का रिक्शा आ गया और वो बच्चों को रिक्शा तक छोड़ने चली गई । वापस आकर पति का टिफीन बनाया और फिर मेज़ से जूठे बर्तन इकठ्ठा किये ।इस बीच पतिदेव की आवाज़ आई की मेरे कपङे निकाल दो । उनको ऑफिस जाने लिए कपङे निकाल कर दिए।

अभी पति के लिए उनकी पसंद का नाश्ता तैयार करके टेबिल पर लगाया ही था की छोटी ननद आई और ये कहकर गई कि भाभी आज मुझे भी कॉलेज जल्दी जाना, मेरा भी नाश्ता लगा देना।

तभी देवर की भी आवाज़ आई की भाभी नाश्ता तैयार हो गया क्या?

अभी लीजिये नाश्ता तैयार है।

पति और देवर ने नाश्ता किया और अखबार पढ़कर अपने अपने ऑफिस के लिए निकल चले ।

उसने मेज़ से खाली बर्तन समेटे और सास ससुर के लिए उनका परहेज़ का नाश्ता तैयार करने लगी ।

दोनों को नाश्ता कराने के बाद फिर बर्तन इकट्ठे किये और उनको भी किचिन में लाकर धोने लगी ।

इस बीच सफाई वाली भी आ गयी ।

उसने बर्तन का काम सफाई वाली को सौंप कर खुद बेड की चादरें वगेरा इकट्ठा करने पहुँच गयी और फिर सफाई वाली के साथ मिलकर सफाई में जुट गयी ।

अब तक 11 बज चुके थे, अभी वो पूरी तरह काम समेट भी ना पायी थी की काल बेल बजी ।

दरवाज़ा खोला तो सामने बड़ी ननद और उसके पति व बच्चे सामने खड़े थे ।

उसने ख़ुशी ख़ुशी सभी को आदर के साथ घर में बुलाया और उनसे बाते करते करते उनके आने से हुई ख़ुशी का इज़हार करती रही ।

ननद की फ़रमाईश के मुताबिक़ नाश्ता तैयार करने के बाद अभी वो नन्द के पास बेठी ही थी की सास की आवाज़ आई की बहु खाने का क्या प्रोग्राम हे ।

उसने घडी पर नज़र डाली तो 12 बज रहे थे ।

उसकी फ़िक्र बढ़ गयी वो जल्दी से फ्रिज की तरफ लपकी और सब्ज़ी निकाली और फिर से दोपहर के खाने की तैयारी में जुट गयी ।

खाना बनाते बनाते अब दोपहर का दो बज चुके थे ।

बच्चे स्कूल से आने वाले थे, लो बच्चे आ गये ।

उसने जल्दी जल्दी बच्चों की ड्रेस उतारी और उनका मुंह हाथ धुलवाकर उनको खाना खिलाया ।

इस बीच छोटी नन्द भी कॉलेज से आगयी और देवर भी आ चुके थे ।

उसने सभी के लिए मेज़ पर खाना लगाया और खुद रोटी बनाने में लग गयी ।

खाना खाकर सब लोग फ्री हुवे तो उसने मेज़ से फिर बर्तन जमा करने शुरू करदिये ।

इस वक़्त तीन बज रहे थे ।

अब उसको खुदको भी भूख का एहसास होने लगा था ।

उसने हॉट पॉट देखा तो उसमे कोई रोटी नहीं बची थी ।

उसने फिर से किचिन की और रुख किया तभी पतिदेव घर में दाखिल होते हुये बोले की आज देर होगयी भूख बहुत लगी हे जल्दी से खाना लगादो ।

उसने जल्दी जल्दी पति के लिए खाना बनाया और मेज़ पर खाना लगा कर पति को किचिन से गर्म रोटी बनाकर ला कर देने लगी ।

अब तक चार बज चुके थे ।

अभी वो खाना खिला ही रही थी की पतिदेव ने कहा की आजाओ तुमभी खालो ।

उसने हैरत से पति की तरफ देखा तो उसे ख्याल आया की आज मैंने सुबह से कुछ खाया ही नहीं ।

इस ख्याल के आते ही वो पति के साथ खाना खाने बैठ गयी ।

अभी पहला निवाला उसने मुंह में डाला ही था की आँख से आंसू निकल आये

पति देव ने उसके आंसू देखे तो फ़ौरन पूछा की तुम क्यों रो रही हो ।

वो खामोश रही और सोचने लगी की इन्हें कैसे बताऊँ की ससुराल में कितनी मेहनत के बाद ये रोटी का निवाला नसीब होता हे और लोग इसे मुफ़्त की रोटी कहते हैं ।

पति के बार बार पूछने पर उसने सिर्फ इतना कहा की कुछ नहीं बस ऐसे ही आंसू आ गये ।

पति मुस्कुराये और बोले कि तुम औरते भी बड़ी "बेवक़ूफ़" होती हो, बिना वजह रोना शुरू कर देती हो।

बस इतनी सी कहानी है | कभी कभी बेवकूफ होना भी कई दर्द समेटने जैसा है | 

Monday, September 16, 2019

September 16, 2019

हम जिसपे खाना खाते थे आज उस पर रूस और अमेरीका खा रहे है || We should start eating on leaf plate

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे देश मे 2000 से अधिक वनस्पतियों की पत्तियों से तैयार किये जाने वाले पत्तलों और उनसे होने वाले लाभों के विषय मे पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान उपलब्ध है पर मुश्किल से पाँच प्रकार की वनस्पतियों का प्रयोग हम अपनी दिनचर्या मे करते है। पत्ते की बनी प्लेट में खाना खाने से इतने लाभ होते है जिसकी कल्पना हम नहीं कर सकते | लेकिन आज हमें पश्चिमी देशों ने अपनी सभ्यता में जकड़ लिया है | हम प्लास्टिक से बनी थालियों और प्लेटो में खाना ख़ुशी-ख़ुशी खा लेते है | लेकिन इनसे होने वाली हानियों के बारे में शायद ही आप जानते होंगे | अतः आज जागरूकता बहुत ही जरुरी हो गई है |

leaf plate


आम तौर पर केले की पत्तियो मे खाना परोसा जाता है। प्राचीन ग्रंथों मे केले की पत्तियो पर परोसे गये भोजन को स्वास्थ्य के लिये लाभदायक बताया गया है। आजकल महंगे होटलों और रिसोर्ट मे भी केले की पत्तियों का यह प्रयोग होने लगा है।

नीचे चित्र में सुपारी के पत्तों से बनाई गई प्लेट, कटोरी व ट्रे हैं , जिनमे भोजन करना स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है
जिसे प्लास्टिक, थर्माकोल के ऑप्शन में उतरा गया है क्योंकि थर्माकोल व प्लास्टिक के उपयोग से स्वास्थ्य को बहुत हानि भी पहुँच रही है ।

सुपारी के पत्तों यह पत्तल केरला में बनाई जा रही हैं और कीमत भी ज्यादा नही है , तक़रीबन 1.5, 2, रुपये साइज और क्वांटिटी के हिसाब से अलग अलग है

लाभ :- 

पलाश के पत्तल में भोजन करने से स्वर्ण के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है ।
केले के पत्तल में भोजन करने से चांदी के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है।

रक्त होता है शुद्ध :- 

रक्त की अशुद्धता के कारण होने वाली बीमारियों के लिये पलाश से तैयार पत्तल को उपयोगी माना जाता है। पाचन तंत्र सम्बन्धी रोगों के लिये भी इसका उपयोग होता है। आम तौर पर लाल फूलो वाले पलाश को हम जानते हैं पर सफेद फूलों वाला पलाश भी उपलब्ध है। इस दुर्लभ पलाश से तैयार पत्तल को बवासिर (पाइल्स) के रोगियों के लिये उपयोगी माना जाता है।

जोडो के दर्द के लिये करंज की पत्तियों से तैयार पत्तल उपयोगी माना जाता है। पुरानी पत्तियों को नयी पत्तियों की तुलना मे अधिक उपयोगी माना जाता है।


पैरालिसिस नहीं होगा :- 

लकवा (पैरालिसिस) होने पर अमलतास की पत्तियों से तैयार पत्तलो को उपयोगी माना जाता है।

पत्तलों से अन्य लाभ :-

1. सबसे पहले तो उसे धोना नहीं पड़ेगा, इसको हम सीधा मिटटी में दबा सकते है।
2. न पानी नष्ट होगा।
3. न ही कामवाली रखनी पड़ेगी, मासिक खर्च भी बचेगा।
4. न केमिकल उपयोग करने पड़ेंगे l
5. न केमिकल द्वारा शरीर को आंतरिक हानि पहुंचेगी।
6. अधिक से अधिक वृक्ष उगाये जायेंगे, जिससे कि अधिक आक्सीजन भी मिलेगी।
7. प्रदूषण भी घटेगा।
8. सबसे महत्वपूर्ण झूठे पत्तलों को एक जगह गाड़ने पर, खाद का निर्माण किया जा सकता है, एवं मिटटी की उपजाऊ क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है।
9. पत्तल बनाने वालों को भी रोजगार प्राप्त होगा।
10. सबसे मुख्य लाभ, आप नदियों को दूषित होने से बहुत बड़े स्तर पर बचा सकते हैं, जैसे कि आप जानते ही हैं कि जो पानी आप बर्तन धोने में उपयोग कर रहे हो, वो केमिकल वाला पानी, पहले नाले में जायेगा, फिर आगे जाकर नदियों में ही छोड़ दिया जायेगा। जो जल प्रदूषण में आपको सहयोगी बनाता है।

आजकल हर जगह भंडारे, विवाह शादियों , birthday पार्टियों में डिस्पोजल की जगह इन पत्तलों का प्रचलन करना चाहिए।

Saturday, September 7, 2019

September 07, 2019

अमेरिका को हराने वाले इस देश ने महाराणा प्रताप से ली प्रेरणा और उसके राष्ट्र अध्यक्ष महाराणा को मानते थे अपना गुरु 🔥🔥

छोटे से देश ने श्री महाराणा प्रताप से ली प्रेरणा और अमेरिका तो धूल चटा दी  


वियतनाम विश्व का एक छोटा सा देश है ।।।।। जिसने #अमेरिका जैसे बड़े बलशाली देश को झुका दिया। लगभग बीस वर्षों तक चले युद्ध में #अमेरिका पराजित हुआ। अमेरिका पर विजय के बाद वियतनाम के राष्ट्राध्यक्ष से एक पत्रकार ने एक सवाल पूछा..
जाहिर सी बात है कि सवाल यही होगा कि आप युद्ध कैसे जीते या अमेरिका को कैसे झुका दिया... ?? पर उस प्रश्न का दिए गए उत्तर को सुनकर आप हैरान रह जायेंगे और आपका सीना भी गर्व से भर जायेगा। दिया गया उत्तर पढ़िये...!!



सभी देशों में सबसे शक्तिशाली देश
अमेरिका को हराने के लिए मैंने एक महान व् श्रेष्ठ भारतीय राजा का चरित्र पढ़ा। और उस जीवनी से मिली प्रेरणा व युद्धनीति का प्रयोग कर हमने सरलता से विजय प्राप्त की..!!

आगे पत्रकार ने पूछा...
"कौन थे वो #महान राजा ?"

मित्रों जब मैंने पढ़ा तब से
जैसे मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया आपका भी सीना गर्व से भर जायेगा...!!

#वियतनाम के राष्ट्राध्यक्ष ने खड़े होकर जवाब दिया...
"वो थे भारत के #राजस्थान में #मेवाड़ के #महाराजा #महाराणा #प्रताप #सिंह !!"

⚔#महाराणा #प्रताप का नाम लेते समय उनकी आँखों में एक #वीरता भरी #चमक थी..

आगे उन्होंने कहा...!!
"अगर ऐसे राजा ने हमारे देश में जन्म लिया होता तो हमने सारे #विश्व पर राज किया होता" कुछ वर्षों के बाद उस #राष्ट्राध्यक्ष की मृत्यु हुई तो जानिए उसने अपनी #समाधि पर क्या लिखवाया...!!

⚔"यह महाराणा प्रताप के एक #शिष्य की समाधि है !!"

कालांतर में वियतनाम के विदेशमंत्री भारत के दौरे पर आए थे। पूर्व नियोजित कार्य क्रमानुसार उन्हें पहले लाल किला व बाद में गांधीजी की समाधि दिखलाई गई....!!

ये सब दिखलाते हुए उन्होंने पूछा " मेवाड़ के महाराजा #महाराणा प्रताप की समाधि कहाँ है ...?"

तब भारत सरकार के अधिकारी चकित रह गए, और उनहोंने वहाँ #उदयपुर का उल्लेख किया.. वियतनाम के विदेशमंत्री उदयपुर गये, वहाँ उनहोंने महाराणा प्रताप की समाधि के दर्शन किये...!! समाधी के दर्शन करने के बाद उन्होंने समाधि के पास की मिट्टी उठाई और उसे अपने बैग में भर लिया इस पर पत्रकार ने मिट्टी रखने का कारण पूछा !!

उन विदेशमंत्री महोदय ने कहा "ये मिट्टी #शूरवीरों की है, इस मिट्टी में एक महान् राजा ने जन्म लिया, ये मिट्टी मैं अपने देश की मिट्टी में मिला दूंगा ..!!

"ताकि मेरे देश में भी ऐसे ही वीर पैदा हो। मेरा यह राजा केवल भारत का गर्व न होकर सम्पूर्ण विश्व का गर्व होना चाहिए"

जय हिंद जय भारत।

Friday, September 6, 2019

September 06, 2019

95% सफलता को हार कैसे बोल दे ? chandrayaan 2 Mission Successful

95% सफलता को हार कैसे बोल दे ? chandrayaan 2 Mission Successful 

हम असफल कैसे हो गए जब हम 95 % सफल हुए है | चाँद के दक्षिणी ध्रुव तक आज तक कोई देश नहीं पहुँच पाया और ना ही किसी ने इतनी हिम्मत दिखाई | ISRO अब एक साहस का नाम बन चूका है | पूरी दुनिया ने देखा की कैसे मात्र 2.1 किलोमीटर की दुरी पहले हमारा सम्पर्क विक्रम से टूट गया | इतनी सफलता किसी और देश ने अर्जित नहीं की | ये वही देश है जो विश्व गुरु था और बहुत जल्दी फिर से विश्व गुरु बनने के कगार पर खड़ा है | हौसला ना हारो , फिर से बढ़ो , हम भारतीय है , वो कर दिखते है , जो लोग सोच भी नहीं सकते | 


मात्र 2.1 किलोमीटर :- 

चाँद से पृथ्वी की दुरी 3,84,400 किलोमीटर है | हर चीज़ एक डीएम सामान्य थी लेकिन चाँद की सतह से मात्र 2.1 किलोमीटर की दुरी से पहले हमारा सम्पर्क टूट गया | यदि हम इसका गणित देखे तो हम केवल 0.00054630593 % ही दूर रहे |  

चंद्रयान 2 :-

चंद्रयान 2, जिसे 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था, ने शनिवार के मद्देनजर सुबह 1:43 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास टचडाउन का प्रयास किया। विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर उतरने का प्रयास कर रहा था, जहां कोई अन्य मानव निर्मित मिशन पहले नहीं गया।

मोदी  बढ़ाया हौसला :- 


इस ऐतिहासिक प्रयास के दौरान वैज्ञानिकों को हौसला नहीं खोने और उनकी उपलब्धि के लिए धन्यवाद देते हुए, पीएम मोदी ने कहा, “यह एक छोटी उपलब्धि नहीं है और देश को आप पर गर्व है। यदि संचार फिर से शुरू होता है, तो मिशन हमें बहुत सारी जानकारी देने में सक्षम होगा। अच्छे की कामना करते है।"

और कुछ अपने  ही देश का मजाक बनाते लोग :-

इतनी मेहनत और उपलब्धि के बाद जंहा पूरा देश ISRO के साथ खड़ा है , वंही कुछ लोग हंसी उड़ा रहे है | क्या ये देश से गद्दारी नहीं | क्या ऐसे लोग इस देश में रहने लायक भी है ? अरे हम हारे नहीं है , अभी तो पूरा आकाश हमारी राह देख रहा है | फिर ये जयचंद किस बात की ख़ुशी में जुटे है | 

आज लिखना बहुत कुछ चाहते है , लेकिन शब्दों को विश्राम दे रहे है | ये देश रहना चाहिए | जय हिन्द | 

Wednesday, September 4, 2019

September 04, 2019

भारी भरकम जुर्माने के आखिर क्या मायने है ?? The Motor Vehicles (Amendment) Bill, 2019

भारी भरकम जुर्माने के आखिर क्या मायने है ?? The Motor Vehicles (Amendment) Bill, 2019

हाल ही में भारत सरकार ने नया मोटर व्हीकल कानून लागु किया है | इस नियम के लागु होते ही जुर्माने की राशि 10 से लेकर 50 गुणा तक कर दी गई है | लोग सोशल मीडिया पर इस कानून का खूब मजाक उड़ा रहे है | पर क्या इस नए बिल से वाकई कुछ बदलाव देखने को मिलेगा ? क्या ये बिल भारतीय जनता के मूड में कुछ बदलाव ला पायेगा ? क्या जनता इतना भारी भरकम जुर्माना देने के लिए तैयार है ? क्या अब टालमटोलू जनता देश के प्रति अपने कर्तव्य निभाएगी ? The Motor Vehicles (Amendment) Bill, 2019

The Motor Vehicles (Amendment) Bill, 2019
credit - Business Today 

जुलाई में पास हुआ बिल :-

बीती जुलाई को पार्लियामेंट में सरकार ने नया कानून पेश किया जो की पास हो गया | इस नए कानून को पास करने से पहले 2018 के मोटर व्हीकल कानून में कुछ संसोधन किये गए | इन संसोधनो का मुख्य उद्देश्य लोगो को ट्रैफिक नियमो का कठोरता से पालन करवाना था | चूँकि इस साल सड़क हादसों में होने वाली मौतों में अत्यधिक बढ़ावा दर्ज किया गया था | इसे देखते हुए परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने पिछले ही साल कानून में बदलाव के निर्देश दिए थे |

नियमो का मजाक उड़ाती सोशल मीडिया वाली जनता :-

नए कानून के पास होते ही सोशल मीडिया वाली जनता एका-एक बिस्तर छोड़ जाग गई | हर किसी को इस नए कानून का मजाक उड़ाते हुए देखा जा सकता है | लोग फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम पर Meme बनाकर शेयर कर रहे है | यहाँ तक की इस लेख के रचियता भी पीछे ना रह पाए | इस बिल का मजाक इतना उड़ाया जा रहा है की इस अकेले कानून के बारे में हज़ारो Meme बन चुके है | 

20,000 की बाइक का बना 23,000 का चालान ;-  

सोशल मीडिया और न्यूज़ मीडिया तब हावी होती देखी गई जब एक बाइक का चालान उसकी कीमत से ज्यादा का कटा | दरअसल मीडिया में फैली न्यूज़ की माने तो गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली के एक आदमी का चालान 23000 का बनाया | जब बाइक की कीमत (पुरानी बाइक) का अंदाजा लगाया गया तब मालूम हुआ की बाइक तो केवल 20000 हज़ार की ही थी | ऐसे में लोगो ने सोशल मीडिया के जरिये खूब हँसी ठिठोली की | 


बिल का मकसद लोगो में बदलाव लाना ;- 

एक कहावत तो आपने भी सुनी होगी की " लातो के भूत बातो से नहीं मानते | " वाकई भारतीय जनता पर ये बात सटीक बैठती है | गुलामी की जंजीरो से निकलने के बाद से ही हमें बदलाव की सख्त जरुरत थी | लेकिन शायद ही किसी सरकार ने ये सोचा होगा | चूँकि भारतीय जनता तब तक ठीक से काम नहीं करती जब तक कठोर कानून नहीं लाया जाये |    
 
क्या आप अपनी सुरक्षा क्वे लिए हेलमेट नहीं पहन सकते ? क्या आप अपनी गाड़ी को जिम्मेदारी से नहीं चलाना चाहते |क्या आप दारू पीकर गाड़ी से किसी की जान लेना चाहते है ? या क्या कभी लाइसेंस , गाड़ी के डॉक्यूमेंट , हेलमेट होते हुए भी किसी ने आपको पकड़ा ? नहीं ना | 

कानून को कठोर आपकी सुरक्षा के लिए ही किया गया है | यदि जनता इस कठोर कानून और इसके जुर्माने के डर से अपने आप में बदलाव लाती है तो ये हमारी ही जीत है | इसके अलावा हम इस कानून को एक प्रैक्टिकल के तौर पर भी देखे तब भी हमें इसका पालन करना चाहिए | हर किसी के घर में माँ , बाप , भाई , बहिन उसका  इंतज़ार करते है| एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें इसका पालन करना चाहिए | 

तुम भी जागो सरकार :-  

मात्र जनता के लिए कानून नियम बना देना एक संवैधानिक सरकार को कतई शोभा नहीं देता | सरकार को चाहिए की इस नए बदलाव मे देश की छवि में भी बदलाव लाया जाये | जिस जनता से टैक्स लिया जाता है , वो भी अच्छी सुविधाओं की हकदार है | सड़को की बिगड़ी हालत से लेकर उनपर रात में रौशनी की भी व्यवस्था की जानी चाहिए | हालाँकि सड़को का काम निरंतर चल रहा है , फिर भी अभी तक सड़को की स्थिति उतनी ठीक नहीं है | 

खेर अब देखना ये है की जनता कैसे इस बदलाव को अपनाती है और कैसे ट्रैफिक पुलिस वालो कि जेबे अब भरनी बंद होगी | उम्मीद तो यही की जानी चाहिए की बदलते भारत की जनता भी बदले और अपने देश की तरक्की में हिस्सेदार बने |  





Wednesday, May 29, 2019

May 29, 2019

नकली बाराती और नकली माँ बाप बना कर 3 बच्चो के बाप ने दूसरी शादी कर ली 😝😝🔥🔥

फोटो देख लोग बोले ये तो इमरान भाटी है , 3 बच्चो का बाप है 😝

आप सोच कर हैरान हो जाओगे की कैसे एक आदमी ने अपना नाम , जाती , धर्म , परिवार सब फ़र्ज़ी बना कर एक लड़की से शादी कर ली | नकली बाराती तैयार करना , नकली माँ-बाप बनाना और फिर शादी | ये अजीब सा मामला है सीकर राजस्थान का | जँहा इमरान भाटी नाम के एक शख्स ने इस काम को बखूबी अंजाम दे दिया | लोग ये सुन कर भौचक्के रह गए | 



पूरा मामला क्या है ? 

दरअसल सीकर का रहने वाला इमरान भाटी वार्ड 28 अंजुमन स्कूल के पास का निवासी है | वो वंहा किसी मोटर कंपनी में काम करता था | इमरान के अब्बू गाड़ियों की सर्विसिंग का काम करते है | इमरान पहले से शादी शुदा है और उसके 3 बच्चे भी है | 

लगभग 1 महीने पहले उसने अपना नाम (कबीर शर्मा) , जाती और धर्म बदल कर लड़की से सगाई का प्रस्ताव रखा | लड़की उसके माँ बाप की इकलौती थी | माँ बाप ने भी प्रस्ताव स्वीकार कर लिया | इमरान ने जयपुर में एक रिसोर्ट बुक कर सगाई कर ली | 13 मई को नकली बारात और नकली माँ बाप लेकर उसने लड़की से शादी कर ली | और वंहा किसी को भनक तक नहीं लगने दी | 

लड़की के बाप से हड़पे 16 लाख रुपये -

इमरान भाटी ने लड़की के पिता से 16 लाख रूपये भी हड़प लिए | इकलौती बेटी होने के नाते माँ बाप ने इमरान को 11 लाख नकद और 5 लाख रूपये के जेवरात दे दिए | 

राज कैसे पता चला ?

3 महीने तक राज किसी को पता नहीं चल पाया | इमरान ने जयपुर में ही एक फ्लैट बुक कर लिया और वंहा उसके साथ रहने लगा | 3 महीने बाद जब लड़की लापता हो गई तो लड़की के माँ बाप ने पता लगाने के लिए इधर उधर पूछताछ करनी शुरू कर दी | पूछताछ के दौरान पता चला के ये कबीर शर्मा नहीं इमरान भाटी है जिससे उनकी बेटी की शादी हुई है | 
माँ बाप ने जब लोगो को इमरान की फोटो दिखाई तब कुछ लोगो ने इमरान को पहचान लिया था | माँ बाप के पेरो टेल जमीं खिसक गई | 

माँ बाप ने कराइ FIR -

धोखे का पता चलने के बाद माँ बाप ने सीकर में ही इमरान भाटी के खिलाफ FIR करवा दी | थाने के पुलिस अधीक्षक ने कहा है की " मेरे सेवा काल में ये सबसे अनोखा मामला है | शादी के लिए युवक ने नकली बाराती और माँ बाप का कुनबा तैयार कर शादी भी कर ली | मामला दर्ज कर जाँच के लिए विशेष टीम बना दी गई है | जल्द मामले का खुलासा किया जायेगा |"

May 29, 2019

IRCTC का जवाब देख आप भी हँस पड़ेंगे 🔥 🔥 🔥 यूजर हो गया troll

IRCTC का जवाब देख आप भी हँस पड़ेंगे 🔥 🔥 🔥 शिकायत करने वाला यूजर हो गया troll 

कई बार कुछ लोग अनजाने में ऐसा कर जाते है की उनका मजाक बन जाता है | हाल ही में ऐसा ही एक वाक्या देखने को मिला जब एक यूजर ने IRCTC रेलवे की वेबसाइट पर बार बार आने वाले विज्ञापनों से परेशांन हो रेलवे से शिकायत कर दी | आजकल हर विभाग ट्विटर पर भी सक्रिय रहता है | रेलवे ने तुरंत ही ऐसा जवाब दिया की लोग यूजर को ही ट्रोल करने लगे | 


क्या शिकायत की यूजर ने ? 

आनंद कुमार नाम के एक यूजर ने जब टिकट बुक करने के लिए IRCTC रेलवे  वेबसाइट खोली तब वँहा बहुत सारे विज्ञापन देख उसे गुस्सा आ गया | दरअसल ये विज्ञापन थोड़े अश्लील तरह के थे | यूजर से रहा नहीं गया और तुरंत उसने स्क्रीन शॉट लेकर रेलवे के ऑफिसियल ट्विटर हैंडल पर पियूष गोयल को भी टैग करते हुए पोस्ट कर दिया | और लिखा की " IRCTC की टिकट बुकिंग वेबसाइट पर अश्लील विज्ञापन दिखाए जा रहे है जो की बहुत ही शर्मिंदगी वाली बात है , और ये बहुत ही परेशान करने वाली बात है | "


THE AUNTY


रेलवे का जवाब सुन हँसी आ जाएगी -

यूजर के ट्वीट करते ही थोड़ी देर में रेलवे ने भी शिकायत पढ़ , उसका ऐसा जवाब दिया की यूजर को हर कोई ट्रोल करने लग गया | रेलवे ने लिखा की "हम विज्ञापन के लिए गूगल की ADX सर्विस उपयोग करते है | ये यूजर की कुकीज़ को यूज़ कर टारगेट करता है | आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री के अनुसार ही ये आपके लिए विज्ञापन दिखाता है | ऐसे विज्ञापन से बचने के लिए कृपया अपने ब्राउज़र की कुकीज़ और हिस्ट्री डिलीट करे | "

THE AUNTY


दरअसल गूगल की ADX विज्ञापन सर्विस यूजर के सर्च करने के हिसाब से ही उसके ब्राउज़र पर विज्ञापन दिखाती है | मतलब ये की आप यदि अपने ब्राउज़र पर इलेक्ट्रॉनिक आइटम ज्यादा सर्च करते है तो किसी भी वेबसाइट पर आने वाले विज्ञापन में इलेक्ट्रॉनिक आइटम ही दिखाए जायेंगे | 
इस बात से आप अंदाजा लगा सकते है की शिकायत करने वाला अपने ब्राउज़र में क्या क्या सर्च करता होगा | 

लोग करने लगे ट्रोल -

फिर क्या लोगो ने यूजर और IRCTC का जवाब देख मजाक बनाने में लग गए | देखते ही देखते ये वायरल हो गया | अलग अलग यूजर शिकायतकर्ता का अपने ढंग से मजाक बनाने लगे | 

THE AUNTY

आप भी कभी शिकायत करे तो थोड़ा सोच विचार कर लीजियेगा | नहीं तो ऐसी फजीयत झेलनी पड़ जाएगी | 


Thursday, May 9, 2019

May 09, 2019

क्या 90 % वाले ही दुनिया में सब कुछ कर सकते है ?? माँ-बाप तुलना करना बंद करे 😡😡😡

क्या 90 % वाले ही दुनिया में सब कुछ कर सकते है ?? माँ-बाप तुलना करना बंद करे  😡😡😡

आजकल 10 वी और 12 वीं के रिजल्ट आ रहे है | 90 %  बनाने वाले बच्चो के अभिभावक बड़े गर्व से उनका नाम और फोटो डाल रहे है | भला अपनी संतान के उल्लेखनीय सफलता पर किस माता-पिता को गर्व नहीं होगा ? किसकी छाती छोड़ी नहीं होगी ? ऐसे सभी सफल बच्चो और उनके माता-पिता को बहुत बहुत बधाई | 


The Aunty
photo credit - WikiHow


 लेकिन उनका क्या जिन बच्चो ने 54% स्कोर किया ? उनके अभिभावक के पास गर्व करने के लिए कुछ नहीं है क्या ? ऐसे छात्र और छात्राऐ  परीक्षा में अच्छे अंक नहीं ला सके , अपने माता-पिता की आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा नहीं उतर सके वे निश्चित ही निराश और हताश होंगे | हो सकता है उन्हें तरह तरह तानो का सामना करना पड़ रहा हो | तो क्या उनकी कोई वैल्यू नहीं रह गई ? क्या अब वो बच्चे कुछ नहीं कर सकते है | 

1987 की बात है - इटली में रोम नगर में एथेलेटिक्स की वर्ल्ड चैंपियनशिप हो रही थी | 1500 मीटर की दौड़ में भारत का प्रतिनिधित्व कश्मीरा सिंह कर रहे थे | 1500 मीटर की दौड़ ट्रैक के कुल पौने चार चक्कर लगाने होते है | यानी पहले राउंड में कुल 300 मीटर और बाकि 3 राउंड में कुल 1200 मीटर | दौड़ शुरू हुई और कश्मीरा सिंह ने पहले ही बढ़त बना ली | ट्रैक पे लगभग 40 से ज्यादा धावक दौड़ रहे थे | पर कश्मीरा सिंह सबसे आगे चल रहे थे | कमेंटेटर ने बताया की इंडिया के धावक सबसे आगे दौड़ रहे है | 

3 राउंड तक कश्मीरा सिंह सबसे आगे थे | पर कमेंटेटर किसी और की तारीफ किये जा रहा था | उसकी निगाहें पीछे चल रहे 2 अन्य धावकों पर थी | थोड़ी देर में ही चौथा राउंड शुरू हुआ | एक धावक बढ़ कर कश्मीरा सिंह से आगे आ गया | और बस उसके बाद कश्मीरा सिंह धावकों की भीड़ में खो से गए | बाद में पता चला की वो 40 धावकों में से 38 वे स्थान पर रहे | 

ठीक उसी  प्रकार से जिंदगी की दौड़ में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की आप पहले राउंड में आगे है या नहीं | फर्क इस बात से पड़ता है की फिनिशिंग लाइन पर सबसे पहले कौन पँहुचता है | उस दौड़ में सोमालिया के Abdi Bile फिनिशिंग लाइन पर सबसे पहले पहुंचे और उन्होंने गोल्ड मैडल जीता | इतिहास में Abdi Bile का नाम दर्ज़ है ना की कश्मीरा सिंह का | 

दोस्तों अभी तो जिंदगी की मैराथॉन दौड़ का बमुश्किल पहला राउंड शुरू हुआ है | फिनिशिंग लाइन पे न जाने कौन सबसे पहले पंहुचेगा | शुरू में तेज़ दौड़ने वाले जरुरी नहीं की इसी दमखम से लगे रहे | सबसे आगे वो आएगा जो धर्य पूर्वक लगा रहेगा | जो कभी हार नहीं मानेगा | वो जीतेगा जिसकी निगाहें अपने लक्ष्य पर ही है भले वो धीरे चल रहा हो | 

जितना जरुरी नहीं है | मजा दौड़ पूरी करने में भी है | जिंदगी की दौड़ में अक्सर 54% भी जीतते है | याद रखना दोस्तों चीनी बांस (चाइनीज बम्बू)     सबसे देरी से उगता है पर उगते ही 7 हप्ते में ही 40 फुट का हो जाता है | इसीलिए दौड़ते रहो ,बीएस रुको मत | 

हाल ही में एक माँ ने अपने बच्चे के 60 % ही बना पाने पर कुछ ऐसा पोस्ट किया की हर तरफ तारीफ हो रही है | आप भी पढ़े -
" Super proud of my boy who scored a 60% in class 10th board exams. Yes it is not a 90 , but that doesn't change how I feel. Simply because I have seen him struggle with certain subjects almost to the point of giving up , and then deciding to give his all in the last month and a half to finally make it through .Here is to you Amar. and others like you - fishes asked to climb trees. Chart your own course in the big , wide ocean , my love. And keep your innate goodness curiosity and wisdom alive. And of course you wicked sense of humor." 

अंतिम निवेदन - आप अपने बच्चो की तुलना किसी और से ना करे क्योंकि हर एक बच्चा आदित्य है , अद्भत है और विशेष है |  

Wednesday, May 1, 2019

May 01, 2019

मैं भारत तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ , सुन सकते हो ना ? I am India & Want to Ask something , Can you hear ?

मैं भारत तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ , सुन सकते हो ना ? I am India & Want to Ask something , Can you hear ?

चाँदनी रात की दूधिया रौशनी और उसमे चमकता मेरा मुकुट था 
भरत यँहा शेरो से और झाँसी तलवारो से , मेरा अतीत था | 

रण में राणा की हुंकार वो वीर शिवा की गर्जना , मेरा रक्त था 
आओ भारतीयों तुम्हे बताऊ , दिखाऊ मैं पहले भारत था | 


the aunty


ग्वाले और उनकी गाये और फिर शाम का वक्त , शायद उनके खुरों से उड़ती वो गोधूलि कितनी मनोरम हुआ करती थी | दूध और घी की कमी शायद मेरे यँहा कभी नहीं रही | मुझे मेरे लाले सोने की चिड़िया कहा करते थे | गंगा , जमुना का स्वच्छ नीर कितनो का गला तर कर देता था | कान्हा की मुरली से कितने धन्य हुआ करते थे | वो गुरुकुल में सभ्यता का पाठ सीखते मेरे भरत थे | फिर वो कभी गुनगुना देते थे -

हम भारत के भरत खेलते शेरों की संतान से,
कोई देश नहीं दुनिया में बढ़कर हिंदुस्तान से ।

शिक्षा का केंद्र था में | तक्षिला , नालंदा में ना जाने कितने परदेशी धन्य होते गए | संस्कृत जँहा जुबाँ  पर अमृत बिखेर देती थी | शुबह शाम मंदिरो से गूँजते मंत्र जैसे तन-मन को शुद्धि देते जाते थे | मेरे यँहा धन धान्य की कोई कमी नहीं थी | शत्रु तक यँहा भोजन पा जाता था | लोगो में वात्सल्य भरपूर था | मेरे पुत्र वचन के पक्के हुआ करते थे | अच्छा तुमने सुना होगा ना -

रघुकुल रीत सदा चली आई 
प्राण जाये पर वचन ना जाये | 

कई बार मुझ पे गैरो की बुरी नज़रे भी पड़ी पर मेरे वीर पुत्रो ने अपनी जान दे कर मेरी लाज बचाई |  अधर्म जब-जब पाँव पसारता उसको जड़ सहित उखाड़ दिया जाता था | श्री कृष्ण ने महाभारत में उल्लेख किया  -

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिः भवति भारत, अभि-उत्थानम् अधर्मस्य तदा आत्मानं सृजामि अहम् । परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुस्-कृताम्, धर्म-संस्थापन-अर्थाय सम्भवामि युगे युगे ।

अर्थात जब जब धर्म की हानि होने लगती है और अधर्म आगे बढ़ने लगता है, तब तब मैं स्वयं की सृष्टि करता हूं, अर्थात् जन्म लेता हूं । सज्जनों की रक्षा एवं दुष्टों के विनाश और धर्म की पुनःस्थापना के लिए मैं विभिन्न युगों (कालों) मैं अवतरित होता हूं ।

हर और से मैं गर्व से परिपूर्ण हुआ करता था | मेरे यँहा तो स्वयं भगवान खेलने को चले आते थे | कश्मीर से कन्याकुमारी तक मैं बस एक था |  समझते हो ना एक होने का मतलब | मेने कभी किसी पर हमला नहीं किया क्योंकि अहिंसा परमो धर्म , मेरा चरित्र था | पर...........

अब ये लाल अक्षर मेरे खून को बंया करेंगे | समय बदलता है , सुना था और आज में स्वयं देख रहा हूँ | अब मैं बिल्कुल बिखर सा गया हूँ | मेरे आँसू पलकों से परे हो गुजर रहे है | मेरी व्यथा सुनो ना ,मैं भारत तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ | सुन सकते हो ना ?

अब मैं अपने ही कश्मीर में रौंदा जाता हूँ | कभी मुकुट हुआ करता कश्मीर अब मेरी दुखती रग बन गया है | मेरे बहादुर बेटो पर पथ्थर मार , गो बैक इंडियन डॉग कहा जाता है | घर में ही आंतकियों को सहारा मिल जाता है | घर का भेदी लंका ढाये , वाली बात मुझसे कुबूल नहीं होती | मेरे खून में ऐसी बात तो न थी | मैं माँ हूँ कैसे मेरे लाल मेरे ही सामने छलनी किये जा रहे है ? मैने ऐसी माँए तो न जनि थी जिसकी कोख आंतकवादी को पैदा करे | मुकुट कैसे धारण करू , इसमें अब कील ही कील है , चुभती है | मेरी व्यथा सुनो ना ,मैं भारत तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ | सुन सकते हो ना ?   
मेरे ही दिल दिल्ली में मुझे तोड़ने की बात की जाती है | रोटी सेकने कुछ परदेशी गिद्ध भी पंहुच जाते है |और कितने टुकड़े करोगे ? अच्छा ऐसा कर फेम भी हासिल हो गया ना | कुछ तथाकथित प्रोफेसर मेरे इतिहास को उखेड़ फेंक रहे है | बोलो मेरा ही दिल मेरे साथ षड़यंत्र रच बैठा है | मेरी बेटियाँ बिच चलते रास्ते आबरू हीन कर दी जाती है | मेरी व्यथा सुनो ना ,मैं भारत तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ | सुन सकते हो ना ?

वो लाल झंडा , वो लाल सलाम |सुना था मैं मात्र तीन रंगो का हु फिर ये सैंकड़ो रंग क्यों थोप दिए गए ?ये मेरे बाजू काट रहे है | मेरे वीर यँहा भी अपनी आहुति दे रहे है | मेरे बाजू अब रक्त विहीन हो गए है | ये मेरे अपने तो नहीं है ,  होते तो आपको को मारते ? नक्सलवाद और इससे जुड़े भेड़िये मुझे नोच रहे है | तुम सुनो ना मेरे बहादुर लाल , अस्मत को मेरी अब तुम बचा लो ना | मैं अब साँस नहीं ले पा रहा हूँ | मेरी व्यथा सुनो ना ,मैं भारत तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ | सुन सकते हो ना ?    

 मेरे चरणों में मेरे बच्चे आंतकवादी बनने जा रहे है ? ISI में भर्ती को जा रहे है ? नहीं नहीं वो मेरे लाल कतई नहीं हो सकते है | सुना है मेरे ये बच्चे सबसे ज्यादा पढ़े लिखे है | फिर कैसे ? कौन इनके दिमाग में ज़हर घोल रहा है ? मेरे चरण अब उठ नहीं पाते | खून से लथपत मेरे कदम अब पूरी तरह से सड़ चुके है |शायद काटने पड़ेंगे ना ? तो तुम काहे नहीं बचा लेते ? मेरी व्यथा सुनो ना ,मैं भारत तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ | सुन सकते हो ना ?

किसके साथ खड़े हो भारतीयों ? देश में जयचंदो और गद्दारो से भयभीत हूँ | तुम मेरी सोचो ना | मैने ही तुम्हे अपने खून से सींचा है | फिर तुम मुझसे दगा क्यों करते हो ? क्या माँ को ही हर बार बलिदान देना होगा ? इस बार तुम मेरा साथ दे दो ना | फिर ना जाने में कितनी अपंग हो जाउंगी | मुझे पहले से ही काफी काटा जा चूका है | में खून से लथपत तड़प , पुकार हूँ | मेरी व्यथा सुनो ना ,मैं भारत तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ | सुन सकते हो ना ?



चाँदनी रात की दूधिया रौशनी और उसमे चमकता मेरा मुकुट था 
भरत यँहा शेरो से और झाँसी तलवारो से , मेरा अतीत था | 

रण में राणा की हुंकार वो वीर शिवा की गर्जना , मेरा रक्त था 
आओ भारतीयों तुम्हे बताऊ , दिखाऊ मैं पहले भारत था | 

😔

Monday, April 29, 2019

April 29, 2019

सनी देओल का मजाक उड़ाना भारी पड़ गया , लोगो ने दिखाया आइना 🔥🔥

सनी देओल का मजाक उड़ाना भारी पड़ गया ,  लोगो ने दिखाया आइना 🔥🔥

ढाई किलो का हाथ जिस पर पड़ता है वो उठता नहीं बल्कि उठ जाता है | सनी देओल की फिल्म का ये डायलॉग आपने जरूर सुना होगा | ऐसा ही इस बार कवी कुमार विश्वास के साथ सनी देओल के फैंस ने कर दिया | हाल ही बीजेपी ज्वाइन करने वाले सनी पाजी ने बीकानेर में रैली की थी जो की काफी सफल मानी गई | इसी को देखते हुए सनी पाजी को गुरुदासपुर से टिकट दिया गया | लेकिन कवी कुमार विश्वास ने इसपर चुटकी लेते हुए ऐसा तंज कसा की काफी लोग खफा गए | देखिये कुमार का ट्वीट..


कुमार ने ट्वीट किया की -

"बीकानेर से धर्मेंद्र जी और मथुरा से हेमा जी ने संसद पहुँचकर जैसे हमारा लोकतंत्र मज़बूत किया, वैसे ही अपनी अंतिम फ़िल्म “भाईसाहब” के बाद गुरुदासपुर से लोकतंत्र मज़बूत करने के लिए सन्नी दयोल संसद जाने हेतु चुनाव में उतरें हैं ! हम और हमारा “लोकतंत्र” शायद यही डिज़र्व भी करते है🙏🇮🇳"


लोगो ने दिया मुहतोड़ जवाब -

जब कुमार ने तंज कसा तो लोग भी कहा पीछे रहने वाले थे , उन्होंने भी कुमार को आड़े हाथ ले लिया | काफी खरी-खरी सुनाई गई | देखिये एक यूजर का ट्वीट -

Raj  Anand एक यूजर ने कुछ ऐसा कहा -

आप भी तो आम आदमी पार्टी से अमेठी मे लोकतंत्र मजबूत करने गए थे मगर अफसोस वहा की जनता ने आपको 2 टके के गवइया से ज्यादा कुछ नहीं समझा. शायद आप यही डिज़र्व भी करते है🙏🇮🇳

कुमार लोगो को करने लगे ब्लॉक 

कुमार विश्वास ट्विटर पर काफी सक्रीय रहते है | जैसे ही उन्होंने सनी देओल के बारे में ट्वीट किया , जनता ने भी जवाब देना शुरू कर दिया | कुछ जवाब ऐसे थे की कुमार विश्वास हजम नहीं कर पाए | उन्होंने लोगो को ब्लॉक करना शुरू कर दिया | देखते ही देखते कुमार ने काफी लोगो को ब्लॉक कर दिया | 
जरा ऐसे देखे -


विश्वास जी से को यदि ये सब हजम नहीं होता तो उन्हें ऐसा बोलना भी नहीं चाहिए | खेर उच्च कोटि के वक्ता है , उनकी बातो का जवाब हर किसी के पास होता नहीं | पर ये जनता है सब समझती है | जनता को हल्के में कभी नहीं लेना चाहिए | 

आपके विचार निचे कमेंट में जरूर लिखे | 

Thursday, April 11, 2019

April 11, 2019

100 साल बाद माफ़ी नहीं केवल अफ़सोस क्यों ?

100 साल बाद जलियांवाल बाग पर ब्रिटेन ने केवल अफ़सोस जताया , माफ़ी नहीं मांगी। 

जलियांवाला बाग़ हत्याकांड की 100 वीं  बरसी पर ब्रिटेन सरकार ने अपने इस खूंखार कृत्य के लिए अफ़सोस जरूर जताया लेकिन माफ़ी फिर नहीं मांगी | इससे पहले ब्रिटेन की महारानी और पूर्व PM कैमरन ने भी केवल अफ़सोस जताया पर माफ़ी नहीं मांगी | ब्रिटिश सरकार इसे इतिहास का सबसे बड़ा दाग बताया | प्रधानमंत्री टेरेजा ने बुधवार को संसद में ये बात कही | 

theaunty


बुधवार को जलियांवाला बाग नरसंहार की 100 वीं बरसी पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेजा संसद को सम्बोधित कर रही थी | उन्होंने कहा " उस समय लोगो को जो पीड़ा हुई ,उसका हमें खेद है | " 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में ये नरसंहार हुआ था | 

माफ़ी क्यों नहीं मांगी जा रही है ?

 ब्रिटिश सरकार को इस बात का डर है की यदि इस मुद्दे पर माफ़ी मांगी गई तो हो सकता है इसमें जान गवाने वाले लोगो के परिवार वाले मुआवजे की मांग कर सकते है | इसके चलते वित्तीय परेशानी का सामना करना पड़ सकता है | यदि मुआवजे की मांग की जाती है तो सरकार पर वित्तीय बोज बढ़ेगा | 

कितने लोगो ने अपनी जान गंवाई थी ?

13 अप्रैल 1919 को हज़ारो लोग अमृतसर के जलियांवाला बाग में एकत्रित हुए थे | जनरल डायर ने बिना किसी चेतावनी के ही भीड़ को चारो ओर से घेर कर उनपर गोलियों की बौछार करवा दी जिसमे 1000 आस-पास लोगो की जान चली गई चली गई और 1500 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे | 

विपक्ष ने भारत के पक्ष में माफ़ी मांगने को कहा  

विपक्ष में बैठे लेबर पार्टी ने मांग की है की इतिहास में हुई इस भूल के लिए ब्रिटिश प्रधामंत्री को भारत से माफ़ी मांगनी चाहिए | विपक्षी नेता ने कहा है की हमें इस कृत्य के लिए के लीये स्पष्ट रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए |


Saturday, March 30, 2019

March 30, 2019

बुढ़ापे में मिले 553 करोड़ रुपये | Old man got 553 crores rupees

बूढ़े को कीटनाशक से कैंसर हुआ तो मिले 553 करोड़ 

एक बूढ़े आदमी को अमेरिका में कीटनाशक की वजह से कैंसर हो गया था | उसने उस कीटनाशक कंपनी के खिलाफ कोर्ट में अर्जी डाल दी थी | सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पीड़ित बुजुर्ग को 553 करोड़ रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है | मॉनसेंटो नाम की कंपनी को ये मुआवजा एक महीने के भीतर देना होगा | 

monsanto

मामला क्या था ?

एक सेवानिवृत बुजुर्ग ने मॉनसेंटो नाम की कंपनी की वीडकीलर रॉउंडप नाम की कीटनाशक खरीदी थी | कुछ साल बाद जब बुजुर्ग अस्पताल में चेक-उप कराने पँहुचा तो पता चला की उसे कैंसर है | कुछ समय बाद ही बुजुर्ग ने मॉनसेंटो कंपनी की वीडकीलर को अपने कैंसर की वजह करार दे दिया | कोर्ट ने जुर्माना लगा कर कहा की ये फैसला बाकि कंपनियों के लिए एक सबक होगा | 

जज ने ये भी पाया की बायर की कंपनी ने अपने उत्पादों पर इस्तेमाल करते समय बरती जाने वाली सावधानिया नहीं लिखी थी | कोर्ट ने कहा की ये बहुत ही खतरनाक है | कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों को हर बात का जिक्र अपने उत्पादों पर करना चाहिए | 

इससे पहले एक अन्य कीटनाशक कंपनी ऐसा ही एक केस हार चुकी है | कोर्ट ने उसका भी जिक्र किया और कहा की जर्माना लगाए बिना ऐसे मामले रोके नहीं जा सकते | 

खेर भारत की बात की जाये तो ऐसे हज़ारो मामले दबे पड़े है लेकिन कोई  एक्शन नहीं लिया जाता है | 

   
March 30, 2019

" नोटबुक " एक सिख है , सच्चाई है | #notebookmovie

बेजान सी इस फिल्म ने दिलों में कैसे जान फूँक दी 

कई बार "जिसे हम जो समझते है अक्सर वो वैसा होता नहीं , और जो जैसा होता है वो वैसा दीखता नहीं "| इसी बात को 100 % सही साबित करती है "नोटबुक " | Notebook Movie 29 मार्च 2019 को सिनेमा घरो में प्रदर्शित की गई | इस फिल्म की कहानी , इसके स्टार कास्ट दोनों बिल्कुल साधारण से है पर फिर भी Notebook Movie का प्रभाव काफी दमदार रहा | IMDb पर नोटबुक फिल्म को  7.3 /10 रेटिंग मिली है | 

#notebookmovie

प्यार , शिक्षा और कहानी खत्म ?

नोटबुक फिल्म देखने पर पता चलता है की फिल्म में केवल दो टीचर्स के बिच प्यार और कश्मीर में दूर कंही गाँव में 7 बच्चों की शिक्षा की ही कहानी है | पर बात कुछ और भी है | इसमें इमरान (10-12 साल का) जो की एक स्टूडेंट है के आगामी भविष्य पर भी प्रकाश डाला गया है | कश्मीर की एक असली समस्या शिक्षा पर ये फिल्म शायद सटीक बैठती है | इमरान के अब्बू उससे पढ़ाना नहीं चाहते बल्कि उसे तालीम देना चाहते थे | तालीम के लिए उसे कँही दूर भेजना भी चाहते थे | अब ये आसानी से समझा जा सकता है की इमरान को कँहा भेजा जा रहा था ?  बिल्कुल सही सोचा आपने | खेर इस बारे में हम फिर कभी बात करेंगे | 

#notebookmovie , notebookmovie

क्या कहानी है Notebook Movie की ? 

कहानी के दो मुख्य किरदार कबीर (अभिनेता) और फिरदौस (अभिनेत्री) है | कबीर पहले आर्मी में होता है | लेकिन एक दिन जब एक बच्चा भेड़ को लेने बॉर्डर पार कर आता है और कबीर उसको बोलता है की तुम कौन हो और कैसे यँहा आ गए ? तो बच्चा डर के भागने लगता है और उसका पैर बिछाई माइंस पर पड़ जाता है | एक धमाका होता है और बच्चा मारा जाता है | कबीर ये देख नहीं पाया और उसको लगा बन्दुक की वजह से वो बच्चा डर गया था और उसकी मौत हो गई | तभी कबीर में आर्मी छोड़ दी | कबीर अपने जीवन से संतुष्ट नहीं था | 

दूसरी तरफ फिरदौस जो की बस स्वतंत्र होना चाहती है | वो दूर एक गाँव में मात्र 7 बच्चों को पढ़ाने के लिए अकेली उसी स्कूल में रूकती है | उसके प्रेमी से उसकी कोई खास बनती नहीं है | बस वो खुलकर जीना चाहती थी | शादी के ही दिन पता चलता है की उसके प्रेमी ने किसी और लड़की को प्रेगनेंट कर दिया है |  उसकी शादी नहीं हो पाती है और फिर से वो दूर उस स्कूल में पढ़ाने चली जाती है | पहले टैटू की वजह से फिरदौस ने स्कूल छोड़ दी थी | फिर कबीर बच्चों को पढ़ाने आ गया | पर दोनों कभी मिले नहीं थे | 

 फिरदौस की डायरी को कबीर पढता है और उसको उससे प्यार हो जाता है | पर दोनों का मिलना नहीं हो पाता है | जब कबीर स्कूल छोड़ कर जाता है तो डायरी में वो भी अपने दिल की बाते लिख कर रख देता है | उस डायरी को फिरदौस पढ़ती है और कबीर को ढूंढने जाती है पर कबीर नहीं मिलता | एक दिन एक खत आता है की बच्चों से मिलने कबीर स्कूल में आने वाला है | 

उधर जब इमरान स्कूल में होता है तो उसके अब्बू उसको लेने आ जाते है | इमरान के अब्बू ने पहले भी उसको पढ़ने के लिए मना किया था | इसी बिच कबीर वँहा आ जाता है और इमरान के अब्बू से इमरान को साथ नहीं ले जाने को कहता है | इमरान के अब्बू कबीर तो थप्पड़ मारते है और कबीर को अपना हाथ छोड़ने को कहते है | इसी बिच इमरान के अब्बू अपनी बन्दुक से कबीर को मारने लगते है | बन्दुक उंछल कर थोड़ी दूर गिर जाती है | 

इमरान के अब्बू इमरान को बंदूक देने को कहते है पर इमरान बंदूक अपने अब्बू पर ही तान देता है | पर कबीर के मना करने पर इमरान मान जाता है और बंदूक वापस निचे रख देता है | इमरान के अब्बू  बदल जाते है | फिर कबीर और फिरदौस का मिलन हो जाता है | 

फिल्म को काफी अच्छी तरह से सजाया गया है | थाई फिल्म "टीचर्स-डायरी" पर ही ये फिल्म बनाई गई है | इस फिल्म को सलमान खान ने produce किया है और नितिन कक्कड़ ने डायरेक्ट किया है | 


Tuesday, March 26, 2019

March 26, 2019

मेडिकल कॉलेज का फरमान ,लड़को से दूर रहें लड़कियाँ


मेडिकल कॉलेज का फरमान ,लड़को से दूर रहें लड़कियाँ


➧➤ छोटी स्कर्ट न पहनने की सलाह



मुंबई -महाराष्ट्र के सरकारी जेजे हॉस्पिटल ग्रांट मेडिकल कॉलेज की छात्राओ ने 'छोटी स्कर्ट 'न पहनने  और कार्यक्रमो के दौरान पुरुष साथियों से अलग बैठने के फरमान के खिलाफ रविवार को प्रदर्सन किया उन्होंने दावा किया कि इस आदेश के जरिए कॉलेज प्रसासन के अधिकारी 'मोरल पुलिसिंग 'की कोशिश कर रहे है |

अधिकारियों ने 21 मार्च को होली के एक कार्यक्रम के बाद ये निर्देश जारी किए है |  कार्यक्रम में सस्थान के परिसर में कुछ युवाओं ने हंगामा मचाया और अभद्र व्यवहार किया था | अधिकारियों के सर्कुलर के खिलाफ असहमति जताते हुए छात्राओं ने रविवार को टखने तक कपड़े पहनकर और अपना चेहरा ढककर प्रदर्शन किया |

➧➤ बर्फ से स्किन को करे टाइट 
➧➤ चेहरे से काले धब्बे करे दूर 

छात्राए उचित परिधान को तरजीह दे - डीन

इस बारे में संस्थान के डीन डॉ। अजय चंदनवाले ने कहा छात्राओं से अपेक्षा है कि वे उचित परिधान पहने विद्यार्थियों के लिए मेरा यही संदेश है होली के कार्यक्रम में कुछ हंगामा हुआ इसलिए हमने इस तरह के कड़े कदम उठाने का फैसला किया है

वैसे तो कौन क्या पहनता है इसका अधिकार उन्हीं के पास है पर फिर भी शिक्षा स्थल पर कपड़ो का और आचरण का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए | हद से ज्यादा आज़ादी भविष्य में खतरों को ही आमंत्रण देती है | 

आप अपना मत जरूर कमेंट करे | 

Monday, March 25, 2019

March 25, 2019

क्या पाकिस्तान ने पूरी की कश्मीरी पंडितों की मांग ?

पाकिस्तान ने पूरी की कश्मीरी पंडितों की मांग , बनेगा शारदा पीठ गलियारा 


शारदा पीठ , Sharada Pith


शारदा पीठ POK के शारदा गाँव  प्राचीन मंदिर है | यह मुजफ्फराबाद से 160 किलोमीटर दूर है | कश्मीरी पंडित शारदा पीठ को एक महत्वपूर्ण स्थल मानते है | मान्यता है की यंहा भगवन शिव है | नियंत्रण रेखा के पास यह एक वीरान मंदिर है , जो POK घाटी में स्थित है |विभाजन भारतीय सीमा के दूसरी और चला गया था | स्वतंत्रता से पहले यंहा लोग पूजा अर्चना करने जाते थे | यह प्राचीनकाल में शिक्षा का बड़ा केंद्र था |    


भारत पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारे लिए शिलान्यास के बाद अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित शारदा पीठ गलियारा बनाने  पाकिस्तान सरकार ने स्वकृति दे दी है | पाक मीडिया के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार को शारदा पीठ गलियारा बनाने का प्रस्ताव भेज दिया है |



 कुछ दिन पहले कुछ अफसरों ने शारदा पीठ का दौरा कर हालत का जायजा लिया था | उसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को रिपोर्ट सौंपी गई | पाक के हिन्दू सांसद ड़ॉ रमेश कुमार ने बताया की कुछ दिनों से शारदा पीठ में काम चल रहा है | मैंने वँहा का दौरा किया था और रिपोर्ट हमारे प्रधानमंत्री इमरान खान सौपूंगा | 


इससे पहले पूर्व जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ़्ती ने भी पत्र लिख नरेंद्र मोदी से करतारपुर गलियारे जैसा शारदा पीठ गलियारा बनाने की मांग की थी |       

पाकिस्तान के  प्रस्ताव पर आपकी क्या राय है कमेंट में जरूर लिखे | 

Sunday, March 24, 2019

March 24, 2019

TRP पाने के लिए हर मुद्दे को मजहबी रंग देता भारतीय मीडिया , इनसे बच के रहना रे बाबा

TRP पाने के लिए हर मुद्दे को मजहबी रंग देता भारतीय मीडिया

भारत देश को सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश कहा जाता है | ये देश धर्मनिरपेक्षता लिए हुए अनेको धर्मों , जातियों , भाषाओँ , और अनेक विविधताओं से परिपूर्ण है | यह देश चार स्तम्भों से मजबूती लिए हुए है जो की निम्न है -


1. न्यायपालिका

2. कार्यपालिका

3. विधायका

4. मीडिया



ये जो चौथा स्तम्भ है उसकी जिम्मेदारी काफी संवेदनशील है | ये अन्य तीन स्तम्भों पे खास नज़र जमाये रखता है और उनसे जुड़ी हर जानकारी जनता तक पँहुचा देता है | जनता तक जनता के लिए बनाई गई नीतियां , योजनाए आदि सूचनाएँ प्रसारित करता है | लेकिन क्या यही सच्चाई है ?? क्या मीडिया हकीकत में संवेदनशील है ? क्या मीडिया TRP के जाल की सीमा में ही बंधे रहते है ?

beware indian media

मीडिया के लिए हर मुद्दा मजहबी क्यों हो जाता है ?

पिछले कई दशकों से भारतीय मीडिया के दो खेमे अपना-अपना काम बड़ी आजादी से कर रहे है | क्योंकि आप मीडिया से उनकी आज़ादी के बारे में ना तो पूछ सकते है और न ही बता सकते है | ये खेमे कोई " माय चॉइस " से नहीं बने है | वरन इनको मुद्रा दर्शन करा कर बनाया गया है | मीडिया में राजनितिक हस्तक्षेप आज बिल्कुल पारदर्शी नज़र आता है | 

एक छोटी घटना को कैसे मजहबी लिबास पहनाना है ये उनकी टीवी स्क्रीन से साफ़ नज़र आ जाता है | आज की मीडिया के ये खेमे देश हित की दृष्टि से परे हुए जा रहे है | जँहा एक तरफ जाती-पाती , ऊंच-नीच जैसी धारणाये अब भूतकाल हुए जा रहे है वँही भारतीय मीडिया इनकी कब्र को बार-बार कुरेदे जा रही है |    

 ये जो इनकी " ब्रेकिंग न्यूज़ " होती है ना ये उतनी ही सोची समझी स्क्रिप्ट होती है | ये चित्रों में ऐसा रंग डालते है की भोली जनता उसे सच मान ही लेती है | सबसे बड़ा रंग इनका होता है " मजहबी रंग " | हर एक घटना पर आप दो-दो राय देख सकते है | हर एक घटना पर अलग-अलग रिपोर्टिंग दिखाई जाती है | एक चैनल पर  एक धर्म की पूरी किताब सुनाकर आपको बेसुध किया जाता है तो दूसरे चैनल पर आपको दूसरे धर्म के ग्रन्थ गा सुना कर आपकी फीलिंग्स को जकड़ कर धर्मनिरपेक्षता को झट से बाहर कर दिया जाता है |

 ये TRP का खेल इतना भद्दा है की देश की आंतरिक हालत जंहा आग से उबल रहे होते है तभी ये लोग शुद्ध देशी घी उसमे परोस देते है | आहुति देने जितनी इनकी ओकात है ही नहीं | चाहे अखलाल हो , चाहे केरला में RSS के लोगो की हत्या हो , चाहे आसिफा हो चाहे कैराना हो | अरे हाँ वो गुजरात वाला तो हमने भुला ही दिया | गोधरा काण्ड सुने हो ना ? उसपर मीडिया का छाती पीटने का जो अंदाज देखा गया वो किसी सास बहु वाले सीरियल से कम नहीं था | 

हर एक मीडिया चैनल को किसी विशेष राजनितिक दल का सपोर्ट मिला हुआ है | ये मीडिया चैनल अपने आक़ाओं के स्वाद से पूरी तरह वाकिफ होते है | खाना वैसा ही बनेगा जैसा आका खाएंगे | चुनाव के समय तो हर एक छोटी घटना बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाती है | मीडिया एक पल में जाती और धर्म का ठप्पा ठोक देती है और बाकि अपने नेता जी "प्रेस कांफ्रेंस" के जरिये पुरे साल का बचा ज़हर उगल देते है | 


TRP ही सब कुछ क्यों ?

मीडिया चैनल इस होड़ में रहते है की कैसे चैनल को एक नंबर पर लाया जाये क्योंकि सारी लड़ाई तो पैसों पर अटकी रहती है | जितने ज्यादा व्यूज मिलेंगे उतनी ज्यादा इनकम भी होगी | अब बात आती है व्यूज कैसे बढ़ाये ? बस यँही से इनका रंग मालूम हो जाता है | TRP की भूखी मीडिया जानती है की भारत जैसे देश में बसे लोगों की कमजोरी क्या है | धर्म ही एक ऐसा हथियार है जिसका यूज़ मीडिया बखूबी कर अधिक से अधिक व्यूज बटोर लेती है | बस ये TRP का रोना ही सब खेल की जड़ है | 


जनता क्या करे ?

हम ये कतई तय नहीं कह सकते की जनता को क्या करना चाहिए , लेकिन देश की एकता और अखंडता पर हम सभी को एक हो जाना चाहिए | केवल रंगीन चित्रों से हमको ठगा नहीं जा सकता | आज के दौर में हमें समझना होगा की मीडिया की भूख किसी की भी जान ले सकती है | दंगे भड़क सकते है | सुविधा तभी रहेगी जब हम इनके जाली चित्रों और मिलावटी बातो को अपने गुस्से पर हावी नहीं होने दे | बाकि सबकी अपनी अपनी कुटिया में मगन है ही | 


जो सज्जन मजहबी बातो पर चुप हो जाते है या उनके मुँह में दही जम जाती है उनके लिए हम एक अचूक नुस्खा बता रहे है | आगामी जीवन में ये नुस्खा आपके लिए बहुत काम आने वाला है | निचे लिंक पर क्लिक करे | 

   
अपने विचार जरूर कमेंट में लिखे | 

  

Saturday, March 23, 2019

March 23, 2019

कुमार ने राहुल गाँधी को गधा और केजरीवा को नमूना कहा , क्योंकि (Kumar vishwas takes a jibe)

कुमार विश्वास ने राहुल गाँधी को गधा और केजरीवाल को नमूना कहा....

हाल ही में राजनीती में  उलट-पलट हंसी पात्र बन गई | आप पार्टी के बागी और मशहूर कवी कुमार विश्वास ने जिस अंदाज में केजरीवाल का मजाक उड़ाया वो वाकई कमाल था | दरअसल केजरीवाल का गटबंधन के लिए कांग्रेस के सामने गिड़गिड़ाना कुमार को रास नहीं आया | इसी के चलते कुमार ने अपने शब्दों के तरकस से ऐसे बाण चलाये के लोग ठहाके लगा बैठे | 

कुमार ने राहुल गाँधी को गधा और केजरीवाल नमूना कहा , क्योंकि (Kumar vishwas takes a jibe)
  


साथी से राजनीती तक का सफर 

5 अप्रैल 2011 के अन्ना हज़ारे के अनशन में केजरीवाल और कुमार विश्वास दोनों सबसे आगे थे | केजरीवाल जँहा अन्ना हज़ारे के साथ भूख हड़ताल पे डटे थे तो वँही कुमार अपनी प्रसिद्ध कविताओं से लोगो में जोश भर रहे थे | इस महा आंदोलन में केजरीवाल एक हीरो के रूप में उभर सामने आये | सरकार द्वारा माँगे पूरी करने के आश्वासन पर आंदोलन तो समाप्त हो गया पर केजरीवाल ने मोके का लाभ उठाते हुए एक नयी राजनितिक दल बना लिया | 

आप नाम के इस दल के कुछ आदर्श तय किये गए थे लेकिन केजरीवाल के लगातार आदर्शो के उलघन से नाराज़ कुमार विश्वास पहले भी कई बार तीखे बयान दे चुके है | लेकिन इस बार जब केजरीवाल लगातार कांग्रेस के सामने गठबंधन के लिए गिड़गिड़ा रहे थे तो ये बात कुमार को जरा भी रास नहीं आई | 

जैसा की विदित है की आप पार्टी कांग्रेस के ही खिलाफ बनी थी और स्पष्ट था की कांग्रेस के साथ कोई ताल-मेल नहीं होगा | लेकिन इसके उलट केजरीवाल अपने आदर्श भुला कर कांग्रेस के ही साथ गठबंधन को इस कदर उतारू हुए की वो कांग्रेस के सामने झोली फैला बैठे | केवल दिल्ली में ही नहीं बल्कि हरियाणा में भी वो कांग्रेस से गठबंधन के लिए हाथ फैलाते नज़र आये | 

कुछ ऐसे कसा तंज 

केजरीवाल के लगातार कांग्रेस से गठबंधन के लिए गिड़गिड़ाना हँसी का पात्र बन गया | पहले लोगों ने जम कर केजरीवाल को ट्रोल किया फिर इस रास्ते कुमार विश्वास भी कूद पड़े | होली के शुभ अवसर पर कुमार ने अपने ऑफिसियल फेसबुक पेज पर कुछ फोटो के साथ केजरीवाल का गजब का मखौल बनाया | उनके शब्दों का चयन वाकई इतना असरदार होता है की लोग हँसे बिना नहीं रहते है | उनके अंतिम शब्द " जोगीरा सारारारा " वाकई हँसी ला देते है | 

➤ उनका पहला तंज -       

कुमार ने राहुल गाँधी को गधा और केजरीवाल नमूना कहा , क्योंकि (Kumar vishwas takes a jibe)

"कांग्रेस के दरवाजे पर सर जी मांगे छाँव , 
माथा ठोका , छाती पीटी , मिला न घण्टा भाव "| 
जोगीरा सारारारा 

➤ उनका दूसरा तंज -

कुमार ने राहुल गाँधी को गधा और केजरीवाल नमूना कहा , क्योंकि (Kumar vishwas takes a jibe)

"थूका चाटा , चाटा थूका गधा बनाया बाप 
नाम तो मैंने लिया नहीं , फिर कैसे समझे "आप " | 
जोगीरा सारारारा

दूसरे तंज को देख कर ही अंदाजा लगा सकते है की किस तरह कुमार विश्वास ने केजरीवाल के साथ-साथ राहुल गाँधी को भी निशाने पर ले लिया | आप खुद अंदाजा लगा सकते है की कुमार ने गधा किसको कहा होगा | जैसे शब्द कवि कुमार ने उपयोग किये है उससे साफ़ जाहिर होता है की कुमार को पार्टी से कोई लेना देना अब नहीं रह गया | 

खेर चुनाव आने तक शब्दों का खेल और रौचक होगा | कई शब्द मर्यादा में रह कर विरोधियो की जला देंगे तो कई शब्द मर्यादा की सीमा लांघ जायेंगे |     

Friday, March 22, 2019

March 22, 2019

पीनी है तो रेड वाइन पियो जवानी बनी रहेगी | Red Wine Keeps You Young

पीनी है तो रेड वाइन पियो जवानी बनी रहेगी | Red Wine Keeps You Young 

 एक बहुत ही फेमस गाना आपने सुना होगा " नशा शराब में होता तो नाचती बोतल " | पर हकीकत तो यही है की शराब में नशा भरपूर होता है | हर कोई कहता है की शराब से दूर रहो नहीं तो बहुत बुरा होगा | सही कहते है क्योकि शराब से किडनी और लिवर दोनों पर बुरा असर पड़ता है | पर यदि आपको कोई कहे की शराब से आपकी जवानी बनी रहेगी तो शायद आप चौंक जायेंगे | जी हाँ रेड वाइन आपको जवान रखेगी | रेड वाइन में ऐसे तत्त्व मौजूद है जिससे आपके चेहरे पर रंगत और निखर जाएगी | Red Wine Keeps You Young. तो चलिए जानते है इसके कुछ फायदे | 

पीनी है तो रेड वाइन पियो जवानी बनी रहेगी | Red Wine Keeps You Young
  

1 . जवानी बनाये रखे 

रेड वाइन पिने से आपके शरीर में बढ़ती उम्र का असर कम होगा | क्योंकि इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल पाए जाते है जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल या फिर ज़हरीले तत्वों को बाहर निकालने में सबसे असरदार होते है | रेड वाइन में पाया जाने वाला क्युटिसिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है और बुढ़ापे के लक्षण को कम करता है  |

2. चमकती त्वचा 

  रेड वाइन पिने से बॉडी में ब्लड का सर्कुलेशन सही रहता है | जिससे ब्लड चेहरे के हर भाग तक पहुँचता है | इससे स्किन जल्दी ड्राई नहीं होती है | चेहरे की चमक दिन-ब-दिन बढ़ती जाती है | आजकल तो फेसपैक बनाने में भी रेड वाइन का उपयोग होने लगा है | इसके लिए बेसन , हल्दी , मैदा , शहद को अच्छे से मिक्स कर उसमे रेड वाइन मिला कर पेस्ट चेहरे पर लगा दिया जाता है | 15-20 मिनट के बाद हल्के हाथो से रगड़ कर चेहरे को धो लिया जाता है | 

3 दिल की शक्ति बढ़ाये 

रेड वाइन लगातार लेकिन कम मात्रा में पिने से दिल को मजबूती मिलती है | हार्ट अटैक जैसी तमाम समस्याओं  में रेड वाइन एक बेहतरीन औषधि का काम करती है | शरीर में रक्त नाड़ियों की सफाई तक हो जाती है | ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करती है | बहते रक्त में थक्का नहीं जमने देती है | 

4 .दिमाग को करे दुरुस्त 

उम्र ढलने के साथ-साथ याद रखने की क्षमता भी खोने लगती है | बुढ़ापे में याददाश्त की कमी के चलते अल्जाइमर और पर्किसन जैसी बीमारियां हो जाती है | यूरोपीय देशो में डॉक्टर रेड वाइन पिने की सलाह देते है | ये प्राकृतिक दवाई के रूप में काम करती है | 

5 . कील-मुँहासे पल में गायब 

रेड वाइन बहुत ही काम की चीज़ है | ये एक एंटीसेप्टिक की तरह भी काम करती है | त्वचा पर मौजूद छोटे छोटे रोम छिद्रो की सफाई करती है | ये त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया को भी मार देती है | कॉटन से हल्के हाथो से चेहरे पर लगानी चाहिए | इससे कील-मुहाँसो जैसी समस्या जल्दी ख़त्म हो जाती है | 

6 . शाइनिंग और मुलायम हेयर 

शैम्पू में थोड़ी सी रेड वाइन मिला कर बालो में लगाइये और थोड़ी देर मालिश कीजिये | उसके बाद सादे पानी से धो लीजिये | बालो में एक नई जान आ जाएगी | बाल चमकने लगेंगे और मुलायम भी हो जायेंगे | 

7 . डेंड्रफ की छुट्टी 

डेंड्रफ समस्या हो तो रेड वाइन का उपयोग बेहतरीन परिणाम देगा | रेड वाइन को सीधे बालो में लगा कर थोड़ी देर तक छोड़ दीजिये | फिर हल्के ठंडे पानी से धो लीजिये | डेंड्रफ की कितनी भी समस्या हो इसमें जल्दी ही लाभ होगा | 

8 . पाचन को देती है मजबूती 

रेड वाइन का प्रतिदिन सेवन आपके पाचन को मजबूत बना देता है | जैसा की पहले बताया गया है की ये एंटीसेप्टिक की तरह काम करती है , तो ये पेट में पनप रहे बैक्टीरिया को भी मार देती है | इस तरह से आपका पाचन और मजबूत होगा और आप हेल्थी फील करेंगे |   

9 . UV किरणों से रक्षा 

इसमें मौजूद एमिनो एसिड्स आपको सूर्य से आणि वाली पराबैंगनी किरणों से बचता है | ये एक परत के रूप में UV किरणों को परावर्तित कर देती है | इस तरह से आपकी स्किन हेल्थी रहती है | 

10 . कैंसर से बचाव 

रेड वाइन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की कोशिकाओं की वृद्धि को रोक देती है | बढ़ती उम्र के साथ कैंसर होने की सम्भावना भी बढ़ जाती है | पुरुषो के पौरुष ग्रंथि आकर में बढ़ोतरी होती है जिसकी वजह होतीं  है कैंसर | लेकिन रेड वाइन में मौजूद रिजवेट्रॉल कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने नहीं देती है | इस तरह से रेड वाइन कैंसर से भी बचाती है | 

इस तरह हमने देखा की रेड वाइन वाकई हमारे लिए कितनी फायदेमंद है | पर यदि किसी भी चीज़ को एक सीमा से ज्यादा उपयोग किया जाये तो वो नुकसान ही पहुचायेगी | इसलिए हर चीज़ को लिमिट में ही उपयोग करना चाहिए | 

नोट :- यदि आप भी रेड वाइन घर पर ही बनाना चाहते है तो निचे लिंक पर क्लिक करे और सीखे इसकी रेसिपी

➤➤घर पर बनाये रेड वाइन 

😍